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एनपीटीआर्ई नागपुर में पावर इन्जीनियरिंग
में 4 वर्ष का स्नातक पाठ्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जो पूरे
भारत में अपने प्रकार का अकेला ही पाठ्यक्रम है । यह कार्यक्रम
उन युवा विद्यार्थियों के लिए है जो सभी औद्योगिक गति विधियोंका
आधार माने जाने वाले विद्युत उद्योग के क्षेत्र में अपना
उज्जवल भविष्य बनाना चाहते हैं ।
इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पावर सेक्टर और सम्बन्धित
उद्योगों के लिए कुशल इन्जीनियरिंग एक्जीक्यूटिव्स तैयार करना
है । यह पाठ्यक्रम मेकेनिकल इन्जीनियरिंग प्रवीणता के समकक्ष
डिजाइन किया गया है और इसे अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (।प्ब्ज्म्)
सेमान्यता प्राप्त है ।
यह पाठ्यक्रम राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय
से संलग्नित है । भारत सरकार द्वारा जारी राज पत्र अधिसूचना की
अनिवार्य आवश्यकता (निम्नानुसार) को भी यह पाठ्यक्रम पूरा करता
है :-
कोही भी व्यक्ति, वह जब तक पर्याप्त रूप से योग्यता प्राप्त न
हो और जब तक उसने केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा
मान्यताप्राप्त संस्थान से विशिष्ट प्रशिक्षण नहीं प्राप्त किया
हो तब तक 100 मेगा वॅट क्षमता वाले या इससे अधिक क्षमता वाले
पूरे जनरेटिंग स्टेशन तथा उससे जुड़े सबस्टेशन या इसके किसी
हिस्से के संचालत या अनुरक्षण के लिए प्राधिकृत नहीं किया जाएगा
।
प्रतिभागी जिन्होंने इस पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया है
उन्हे भारतीय विद्युत अधिनियम 1956 (नियम 32 ए) वर्ष 1981 में
संशोधित, के अंतर्गत सांविधिक आवश्यकता के अनुसार थर्मल पावर
प्लान्ट (अधीनस्य पावर प्लान्ट सहित) को संचालित करने की
अनुज्ञा मिल जाती है ।
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